शाहजहांपुर। बीएसए कार्यालय में शिक्षिका से दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए मध्याह्न भोजन के जिला समन्वयक (डीसी) निश्चय सिंह की 85 दिन के बाद बीएसए ने संविदा समाप्त कर दी है। कार्रवाई का पत्र उनके आवास पर भेज दिया गया है। डीसी के सहयोगी सहायक लेखाकार अरुण कुमार पर भी जल्द ही गाज गिरने की आशंका है।
भावलखेड़ा ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल पैना की सहायक अध्यापक रेनू शुक्ला की शिकायत पर 20 अप्रैल को एंटी करप्शन टीम ने डीसी एमडीएम निश्चय सिंह व सहायक लेखाकार अरुण कुमार को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए बीएसए कार्यालय से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि निश्चय सिंह ने वेतनवृद्धि को बहाल कराने के लिए रुपये लिए थे। एंटी करप्शन टीम ने थाना सदर बाजार में दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वर्तमान में दोनों जेल में निरुद्ध हैं।
तत्कालीन बीएसए दिव्या गुप्ता ने उनकी सेवा समाप्ति के लिए डीएम से पत्राचार किया था। उनकी तैनाती के समय में कार्रवाई की रफ्तार धीमी रही। उनके तबादले के बाद नए बीएसए के आने पर कार्रवाई ने गति पकड़ी। डीएम के अनुमोदन व मध्याह्न भोजन निदेशक के पत्र के बाद चयन समिति ने डीसी निश्चय सिंह के ऊपर गाज गिरा दी।
बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि निश्चय सिंह की संविदा को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। कार्रवाई संबंधी पत्र उनके रामपुर स्थित स्थायी पते पर भेज दिया गया है। संवाद