समीक्षा मिश्रा की रिपोर्ट
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब सरयू नदी पर भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को 24 घंटे में नदी का जलस्तर 12 सेंटीमीटर बढ़कर 83.20 मीटर पहुंच गया। इससे मांझा क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कम्हरिया घाट स्थित धर्मशाला की सीढ़ियों तक नदी का पानी पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि नदी अभी भी खतरे के निशान से 2.36 मीटर नीचे बह रही है। प्रशासन ने हालात पर नजर रखने के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
सोमवार को सरयू नदी का जलस्तर 83.08 मीटर दर्ज किया गया था। मंगलवार को इसमें 12 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुछ दिन पहले तक नदी का पानी धर्मशाला से करीब 50 मीटर दूर था, लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ अब पानी सीढ़ियों तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में नालों के जरिए पानी बढ़ने से ग्रामीण सतर्क हैं।
मांझा कम्हरिया गांव निवासी सुक्खू कन्नौजिया ने बताया कि नदी का पानी धीरे-धीरे धर्मशाला तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि पहले कराए गए कटानरोधी कार्य के कारण फिलहाल आबादी सुरक्षित है और सामान्य स्थिति में पानी गांव में प्रवेश नहीं करता। पटपरवा गांव निवासी फूदल ने बताया कि नदी अभी अपने प्राकृतिक दायरे में बह रही है, लेकिन जलस्तर में और तेजी से बढ़ोतरी हुई तो निचले इलाके प्रभावित हो सकते हैं।
प्रशासन ने बाढ़ संभावित गांवों में निगरानी तेज कर दी है। अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। एसडीएम सुभाष सिंह धामी ने बताया कि सरयू नदी अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है। फिलहाल किसी प्रकार का बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।