समीक्षा मिश्रा ब्यूरो चीफ
अंबेडकरनगर/सद्दरपुर। बारिश के बाद सांप काटने के मामलों में इजाफा हुआ है। बिलों में जलभराव के कारण जहरीले सांप अब घरों और आबादी वाले इलाकों का रुख कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत है। सोमवार को सांप के काटने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में 13 अन्य लोग भी शिकार हुए।
बेवाना के ससपना सरैया निवासी जय प्रकाश यादव ने बताया कि उनकी पत्नी सुमन (46) रविवार की सुबह लगभग चार बजे उठीं। घर के बाहर कुछ काम निपटाने के बाद पांच बजे खाना बनाने के लिए चूल्हे से राख निकाल रही थीं। इसी दौरान उन्हें दो बार अपने हाथ में कुछ चुभने का अहसास हुआ। तीसरी बार में सांप उनके हाथ में लिपट गया और काट लिया।
सांप के काटते ही सुमन ने शोर मचाना शुरू कर दिया। परिजन मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक सांप भाग चुका था। सुमन को जिला अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे सत्यम (22), बेटी साक्षी (18) और सबसे छोटा बेटा शिवम (11) का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष प्रभाकांत तिवारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
जिला अस्पताल में दोपहर तक भर्ती हुए 13 पीड़ित
अंबेडकरनगर। रविवार सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे सांप के काटने से 13 लोगों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। सुबह छह बजे ताराकला गांव के सद्दाम को घर पर सांप ने काट लिया। एएसवी लगने के बाद हालत में सुधार है। रघ्घूपुर निवासी जासमीन को घर में सफाई करते सांप ने काट लिया। इसके बाद रेउरा निवासी रामचर, कजपुरा निवासी मोना, फरीदपुर निवासी रूपम, भूपत निवासी माया, कोटवा निवासी धनंजय को भर्ती किया गया। भदेसन निवासी शांती, खोशोपुर निवासी दिश्यांशी, खड़वा निवासी कालीप्रसाद, अचलूपुर निवासी बंशीधर व बंदनडीह निवासी रामलाल को भी सांप के काटने के बाद भर्ती कराया गया। ईएमओ डॉ. एसके विश्वास ने बताया कि सभी को एएसवी को डोज दिया गया है। एक को छोड़कर सभी खतरे से बाहर हैं।