पांच मर्डर हो गए': कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही दौड़ी पुलिस, मौके पर पहुंची टीम तो खुली चौंकाने वाली सच्चाई


जांच में जो हकीकत सामने आई, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। दरअसल, गांव में एक मकान की छत पर निर्माण कार्य चल रहा था, जहां एक राजमिस्त्री काम कर रहा था। उसने अपना मोबाइल फोन नीचे कमरे में चार्जिंग पर लगा रखा था। इसी दौरान किसी शरारती या अज्ञात व्यक्ति ने उसके फोन का गलत इस्तेमाल किया और पुलिस कंट्रोल रूम को पांच लोगों की हत्या की झूठी कहानी सुना दी।
पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) पर सोमवार सुबह आई एक सनसनीखेज कॉल ने पुलिस महकमे के होश उड़ा दिए। कॉलर ने सूचना दी कि क्षेत्र के बसंतपुर सैतली गांव में पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। पांच मर्डरों की खबर मिलते ही आला अधिकारी हरकत में आ गए और आनन-फानन में मुरादनगर थाना पुलिस भारी पुलिस बल के साथ गांव की तरफ दौड़ पड़ी। हालांकि, जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच की, तो पूरी कहानी महज एक अफवाह और फर्जी कॉल निकली। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।

चार्जिंग पर लगे मोबाइल से दी गई फर्जी सूचना
घटना सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे की है। पुलिस कंट्रोल रूम पर जैसे ही सामूहिक हत्याकांड की सूचना मिली, मुरादनगर थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए गांव में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। पूरे गांव में छानबीन करने के बाद भी जब हत्या जैसी कोई वारदात सामने नहीं आई, तो पुलिस ने कॉल करने वाले नंबर की तफ्तीश शुरू की।
नीचे कमरे में चार्जिंग पर फोन लगाकर मिस्त्री कर रहा था छत पर काम
प्रारंभिक जांच में जो हकीकत सामने आई, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। दरअसल, गांव में एक मकान की छत पर निर्माण कार्य चल रहा था, जहां एक राजमिस्त्री काम कर रहा था। उसने अपना मोबाइल फोन नीचे कमरे में चार्जिंग पर लगा रखा था। इसी दौरान किसी शरारती या अज्ञात व्यक्ति ने उसके फोन का गलत इस्तेमाल किया और पुलिस कंट्रोल रूम को पांच लोगों की हत्या की झूठी कहानी सुना दी।
दोषी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
इस फर्जी सूचना के कारण पुलिस प्रशासन को बेवजह भारी संख्या में बल के साथ मौके पर दौड़ लगानी पड़ी, जिससे पुलिस का कीमती समय और संसाधन बर्बाद हुए। मामले की जानकारी देते हुए एसीपी (एसीपी) सुनील कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम पर पांच लोगों की हत्या की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर सक्रिय हुई। गहन जांच में यह सूचना पूरी तरह असत्य और फर्जी पाई गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसी ने मजदूर के मोबाइल का दुरुपयोग कर यह कॉल की थी। पुलिस कॉल करने वाले वास्तविक आरोपी की पहचान करने में जुटी है, और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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