ऑफलाइन प्रमाणपत्र देने वालीं 47 फर्मों की शुरू कराई जांच


शाहजहांपुर। नगर निगम में फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर टेंडर हासिल करने के मामले सामने आने के बाद अब 47 फर्में जांच के घेरे में आ गई हैं। नगर निगम प्रशासन ने ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ऑफलाइन आवेदन के दौरान लगाए गए प्रमाणपत्रों का प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन शुरू करा दिया है। फर्मों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
नगर निगम में 85 फर्में पंजीकृत हैं। टेंडर लेने के लिए मई 2025 से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई थी। इससे पहले ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत टेंडर लेने वाली 47 फर्मों की ओर से लगाए गए प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर संबंधित प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि टेंडर प्रक्रिया में लगाए गए दस्तावेज वास्तविक हैं या नहीं। जांच में कुछ अन्य फर्मों के प्रमाणपत्रों में भी गड़बड़ी आने की आशंका है।

दो फर्मों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी सामने आने के बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। तीन दिन में जवाब नहीं देने पर दोनों फर्मों के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू

नगर निगम निर्माण विभाग में भदौरिया कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर पुवायां के रघुनाथपुर निवासी सुनील कुमार सिंह ने करीब चार वर्ष पहले फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाकर 3.59 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए थे। शिकायत के बाद नगर निगम ने जांच कराई। दोषी पाए जाने पर मुख्य अभियंता निर्माण विभाग आशीष त्रिवेदी की ओर से सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब नहीं देने पर फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
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फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र पर मथुरा कंस्ट्रक्शन को नोटिस

तिलहर के गांव नितगंजा निवासी मथुरा कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर प्रदीप कुमार गुप्ता पर फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र लगाकर नगर पालिका व निगम से कई टेंडर हासिल करने का आरोप है। जांच के दौरान डीएम कार्यालय से कराए गए सत्यापन में चरित्र प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता की ओर से फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन में जवाब मांगा गया है। जवाब नहीं देने पर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
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नगर पालिका और पुलिस ने शुरू की जांच

तिलहर। नगर पालिका के टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र लगाने के मामले में मथुरा कंस्ट्रक्शन के सभी अभिलेखों की ईओ ने जांच शुरू करा दी है। वहीं, पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। नगर पालिका के वार्ड 11 मीरगंज के सभासद कय्यूम खां ने मथुरा कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार प्रदीप कुमार गुप्ता पर फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र लगाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि डीएम की जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। टेंडर से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। सीओ विदुष सक्सेना ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से टेंडर और प्रमाणपत्र संबंधी अभिलेख मंगाए जा रहे हैं। अभिलेखों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
ऑफलाइन स्तर पर प्रमाणपत्र लगाए जाने के मामले में प्रशासनिक स्तर पर 47 फर्मों की जांच कराई जा रही है। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित फर्म के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

-आशीष त्रिवेदी, मुख्य अभियंता, निर्माण विभाग

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