फर्रुखाबाद। आठ वर्ष पुराने सुशील कुमार की हत्या के प्रयास और बाजार में दहशत फैलाने के लिए दिनदहाड़े अंधाधुंध 17 राउंड फायरिंग करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 9 ने पिता-पुत्र समेत चार लोगों को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 18 जुलाई की तारीख तय की है।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के रहने वाले अजय कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 19 अप्रैल 2018 की सुबह करीब नौ बजे बच्चों की कहासुनी को लेकर हुए विवाद के बाद बड़े भाई सुशील कुमार पर करीब 17 राउंड फायरिंग की गई। गोली लगने से भाई सुशील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग के दौरान राहगीर शिवम राठौर भी घायल हो गया। घटना के बाद पूरे बाजार में भगदड़ मच गई और दुकानदारों ने भय के कारण दुकानें बंद कर दी थीं। मामले की सुनवाई के दौरान वादी सहित छह गवाहों के बयान अदालत में दर्ज हुए।
मेडिकल रिपोर्ट और एक्सरे में सुशील के हाथ में गोली के धातु कण मिलने की पुष्टि हुई। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने टारजन, अमित कुमार उर्फ मल्टू पुत्र सुभाष, सुभाष पुत्र गुलजारी और विक्की गिहार पुत्र विक्रम को दोषी करार दिया। अदालत ने टारजन, सुभाष और अमित उर्फ मल्टू की जमानत निरस्त कर उनके बंधपत्र खारिज कर दिए। उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। विक्की गिहार पहले से जिला कारागार में निरुद्ध है।