शाहजहांपुर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने परशुराम जन्मस्थली के विकास कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रामताल में भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस मौके पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि ब्लॉक, तहसील व विधानसभा क्षेत्र का नाम भी परशुरामपुरी करने के प्रयास जारी हैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम की जन्मस्थली के विकास के लिए आगे भी योजनाएं बनाई जाएंगी और इसे विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने का प्रयास जारी रहेगा।
शाहजहांपुर में बुधवार को भगवान परशुराम जन्मस्थली पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में सड़क और एक्सप्रेसवे का व्यापक नेटवर्क तैयार हुआ है। बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है तथा आम लोगों का जीवन आसान बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से निकलकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और आज बहन-बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। गुंडे, बदमाश और माफिया या तो प्रदेश छोड़ चुके हैं या फिर जेल की सलाखों के पीछे हैं।
रामताल में स्थापित होगी परशुराम की प्रतिमा
ब्रजेश पाठक ने बताया कि रामताल के मध्य भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। महाराष्ट्र में रहने वाला परशुरामपुरी का त्रिपाठी परिवार भी इस कार्य में सहयोग कर रहा है और जल्द ही लोगों की यह लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी होगी।
ब्लॉक, तहसील और विधानसभा क्षेत्र का नाम भी होगा परशुरामपुरी
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि भगवान परशुराम के आदर्श हमें अन्याय और बुराई के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद प्रदेश सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। अब ब्लॉक, तहसील और विधानसभा क्षेत्र का नाम भी परशुरामपुरी किए जाने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री का आभार व्यक्त किया।
लोगों को खूब भाया उपमुख्यमंत्री का देशी अंदाज
जनसभा में उपमुख्यमंत्री ने मंच पर रखे डाइस को छोड़कर हाथ में माइक लिया और मंच के बीच पहुंचकर स्थानीय बोली में लोगों से संवाद शुरू किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि जब यह भगवान परशुराम की जन्मस्थली है तो पहले की सरकारों ने इसका नाम क्यों नहीं बदला। उन्होंने सपा सरकार के समय बिजली आपूर्ति का जिक्र करते हुए वर्तमान व्यवस्था से तुलना की। साथ ही कहा कि पहले शाहजहांपुर आने पर जनरेटर का सहारा लेना पड़ता था, जबकि अब बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। उनके इस सहज अंदाज पर लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
51 बटुकों का किया पूजन
मिर्जापुर में हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद उपमुख्यमंत्री का काफिला सीधे भगवान परशुराम मंदिर पहुंचा। महंत सत्यदेव पांडेय और आचार्य अखिलेश दीक्षित ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनसे पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद भगवान परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति ने उन्हें 51 किलो की माला पहनाकर स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री ने नैमिषारण्य से आए 51 बटुकों का पूजन कर उन्हें अंगवस्त्र और दक्षिणा भेंट की। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान परशुराम के जयघोष और वैदिक मंत्रों से गूंज उठा।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डीपीएस राठौर ने किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा, विधायक हरिप्रकाश वर्मा, महापौर अर्चना वर्मा, कौशल मिश्रा, प्रदीप पांडेय, ब्लॉक प्रमुख श्रीदत्त शुक्ला, विनीत मिश्रा, गोपाल मोहन द्विवेदी, विनोद चंद्र शर्मा, भूपेंद्र सिंह भन्नू, अमित सिंह, प्रदीप मिश्रा, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, श्याम बाबू सिंह, रामू अग्निहोत्री समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, भगवान परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति के सदस्य और श्रद्धालु मौजूद रहे।