फर्रुखाबाद। ऊंचे भवन, सरकारी व निजी अस्पताल में फायर एक्सटिंग्यूशर के भरोसे अग्नि सुरक्षा चल रही है। प्रशासन के अभियान के बाद भी न तो फायर एनओसी ली गई और न ही मानक पूरे कराए गए। इससे आग की बड़ी घटना होने पर काबू पाना बड़ी चुनौती है। जबकि पांच जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट ने गेस्ट हाउस, होटल व अस्पताल संचालकों आदि के साथ बैठक कर उन्हें 15 जुलाई तक आग से निपटने के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। बेसमेंट में किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि होने पर रोक लगाई थी। पर अभी तक एक गेस्ट हाउस संचालक ने ही एनओसी ली है। जबकि दो ने आवेदन किया है।
लखनऊ स्थित कोचिंग में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद शहर में प्रशासन ने अभियान चलाया था। निजी व सरकारी अस्पताल, गेस्टहाउस, होटल सहित अधिकांश ऊंचे भवनों में न तो अग्निशमन विभाग की एनओसी मिली और न ही मानक पूरे थे। बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में 75 बेड की फतेहगढ़ सीएचसी में अग्नि सुरक्षा के नाम पर फायर एक्सटिंग्यूशर दीवार पर लटके मिले। बताया गया कि पूरे अस्पताल में नौ फायर एक्सटिंग्यूशर हैं। एनओसी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं विकास भवन में 19 विभाग संचालित हैं। इससे विकास भवन में फरियादियों सहित 200 से अधिक लोग मौजूद रहते हैं। यहां भी अधिकांश कार्यालय के बाहर एक-एक फायर एक्सटिंग्यूशर दीवार पर टंगा दिखाई दिया। जिला जेल चौराहे से रखा रोड पर संचालित एक गेस्ट हाउस में सहालग में शादी समारोह अनवरत चलते हैं। यहां भी फायर एनओसी नहीं है। इससे आगे बढ़ने पर दूसरे गेस्ट हाउस में तो बेसमेंट में भी कार्यक्रम होते हैं। सामने के हिस्से में दुकानें भी संचालित हैं। यहां भी अक्सर भीड़ रहती है। इस भवन की भी फायर एनओसी नहीं ली गई।
इन भवन स्वामियों को भेजे जा चुके नोटिस
सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में अग्निशमन अधिकारी, विद्युत सुरक्षा अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अभियान चलाया था। अग्निसुरक्षा के मानक पूरे न होने पर करीब 100 भवन स्वामियों को नोटिस दिया गया था। इसमें लक्ष्मी कृपा मैरिज लॉन, पाल गेस्टहाउस, उर्मिला वाटिका मैरिज हॉल, उत्सव गेस्ट हाउस, खुशहाली गार्डन, सेलिब्रेशन मैरिज होम, बीआरएस लॉन, कुसुम बैंकट हॉल, गैलेक्सी मैरिज होम, केडी पैलेस, रामप्यारी मैरिज लाॅन, अग्रवाल धर्मशाला, राज मैरिज होम, रामचंद्र धर्मशाला, विकास मैरिज होम, ओपी लॉन, कटियार गेस्ट हाउस, गोपाल फंक्शन पैलेस को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से भी नोटिस भेजे गए। इसके बावजूद अधिकांश भवनों की न तो एनओसी ली गई और न ही अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे किए गए। खास बात तो यह है कि इससे पहले कई बार गेस्टहाउस संचालकों को नोटिस दिए जा चुके लेकिन न तो अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे कराए जा सके और न ही वाहन पार्किंग की व्यवस्था
अग्निशमन अधिकारी ने 17 भवनों की सौंपी रिपोर्ट
अग्निशमन अधिकारी प्रांशु अवस्थी ने बताया कि उन्होंने करीब 100 भवन स्वामियों को नोटिस दिए थे। इनमें 70 भवन स्वामियों ने नोटिस का ही जवाब नहीं दिया। उन्होंने मानक पूरे करने का मौका देने के बाद पुन: जांच कर 17 भवनों की रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी है। इनमें एक भवन स्वामी ने एनओसी ली है। बेसमेंट में चल रहे शिव वाटिका की भी एनओसी नहीं है। इसकी जांच की जाएगी। अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे न मिलने पर वह भी नोटिस जारी कर चुके हैं। मानक पूरे न करने और नोटिस का जवाब न देने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। अब 24 भवनों की जांच के लिए प्रशासन से सूची मिली है। उनकी भी शीघ्र जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
प्रतिष्ठानों का संचालन बंद कर होंगे सील
सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि भवन स्वामियों को नोटिस देने के बाद वह अपने न्यायालय में सुनवाई भी कर रही हैं। 14 जुलाई तक जिनकी सुनवाई पूरी हो चुकी है, ऐसे 24 भवनों की अग्निशमन विभाग से पुन: जांच कर रिपोर्ट मांगी है। अग्नि सुरक्षा के अधूरे मानकों पर प्रतिष्ठानों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। जो भवन मानक पूरे करने योग्य ही नहीं हैं, उनका संचालन बंद कराकर सील कर दिया जाएगा।