संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के एक दिन बाद 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की बैठक होगी। बैठक में सरकार के विधायी एजेंडे और सत्र की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के एक दिन बाद 21 जुलाई को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की बैठक होगी। यह बैठक सुबह 9:30 बजे संसद पुस्तकालय भवन स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की जाएगी। इसमें लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के सभी सांसद शामिल होंगे। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। ऐसे में सरकार के विधायी एजेंडे को देखते हुए एनडीए नेताओं की यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सर्वदलीय बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है?
सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक सुबह 11 बजे शुरू होने की संभावना है। इसमें सरकार अपने विधायी एजेंडे की रूपरेखा पेश कर सकती है, जबकि विपक्ष उन मुद्दों को सामने रख सकता है जिन्हें वह मानसून सत्र के दौरान उठाना चाहता है
मानसून सत्र में क्या रह सकता है खास?
मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किए जाने की संभावना है। हाल के सप्ताहों में कुछ विपक्षी दलों में टूट और राजनीतिक घटनाक्रम के बीच इस बार का सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं।
तृणमूल कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजनीतिक हलचल देखने को मिली। पार्टी के 20 सांसदों के नेशनल सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय का दावा किया गया है। इन सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की मांग की है और भाजपा सरकार को समर्थन देने की बात कही है। इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया है।
शिवसेना (यूबीटी) में भी और विभाजन की बात सामने आई है। लोकसभा में पार्टी के छह सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। वहीं, इससे पहले राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सात सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है?
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष नीट-यूजी पेपर लीक मामले और ऑपरेशन सिंदूर में हताहतों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का मुद्दा उठा सकता है। कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है। इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया था कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा।
जेपीसी किस रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है?
प्रस्तावित 130वें संविधान संशोधन विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है। इसके बाद रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी।
इस विधेयक में एक प्रावधान को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार, गंभीर अपराधों के मामलों में यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र अथवा राज्य के मंत्री लगातार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें स्वत: पद से हटाने का प्रावधान किया गया है।