समीक्षा मिश्रा कि रिपोर्टर
अंबेडकरनगर। अकबरपुर, जलालपुर और भीटी तहसील क्षेत्रों में मंगलवार रात करीब तीन घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। बारिश से धान की रोपाई को गति मिली और खेतों में रौनक लौट आई, लेकिन कई इलाकों में जलभराव, बिजली की आवाजाही और सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने लोगों की परेशानियां भी बढ़ा दीं। उधर, बुधवार को सुबह से निकली तेज धूप और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया।
40 एमएम हुई बारिश, आज भी बने हैं आसार
भीटी क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 11.15 बजे हल्की बारिश हुई। इसके बाद रात करीब दो बजे अकबरपुर, जलालपुर और भीटी तहसील क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो सुबह करीब पांच बजे तक चलता रहा। इससे खेतों में पानी भर गया जो धान की रोपाई के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। किसान सुबह से ही खेतों में पहुंच गए और रोपाई का अधूरा काम पूरा करते नजर आए। कृषि विभाग के अनुसार रात में करीब 40 एमएम बारिश हुई है जो इस माह में दूसरी बार सबसे अधिक थी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामजीत गौतम ने बताया कि अब तक औसत से कम बारिश हुई है। मानसून ठीक से सक्रिय न होने के कारण आलापुर और टांडा तहसील क्षेत्रों में समस्या अधिक बनी हुई है। अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव बना मुसीबत
शहर में करीब तीन घंटे तक हुई बारिश के बाद सड़कों से तो पानी निकल गया, लेकिन किनारों पर कीचड़ और जलभराव से मुसीबतें उठानी पड़ रही हैं। कलेक्ट्रेट गेट के दोनों ओर बने पार्क पानी से लबालब रहे। पुलिस लाइन से पटेलनगर, पटेल नगर से बसखारी मार्ग पर सड़क किनारे जलभराव और कीचड़ होने से आवागमन में लोगों को परेशानी हुई। जलालपुर के जाफराबाद में पानी भरने से लोग इसी के बीच से गुजरते नजर आए। विकास नगर कॉलोनी में रास्ता क्षतिग्रस्त होने से वाहन तो दूर पैदल निकलना भी दुश्वार हो गया है। विकासखंड कटेहरी के ग्राम पंचायत प्रतापपुर चमुर्खा के कटघरवा का मुख्य मार्ग बारिश के बाद बदहाल हो गया है। ग्रामीण संतोष, राजेश, अंकित पांडेय आदि ने बताया कि इस मार्ग पर लगा खड़ंजा जगह-जगह धंस गया है जिससे हमेशा यहां पर पानी भरा रहता है।
सरयू का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ा, बाढ़ चौकसी तेज
राजेसुल्तानपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर सरयू नदी पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी का पानी धीरे-धीरे तटीय क्षेत्र में फैलने लगा है। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 2.26 मीटर नीचे बह रही है। बुधवार को सरयू नदी का जलस्तर 83.20 मीटर से बढ़कर 83.30 मीटर पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 85.56 मीटर निर्धारित है। प्रशासन की ओर से आराजी देवारा, मांझा कम्हरिया और कम्हरिया समेत संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कम्हरिया निवासी लक्ष्मण निषाद ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी धीरे-धीरे नदी के क्षेत्र में फैलने लगा है। फिलहाल किसी प्रकार का नुकसान नहीं है, लेकिन यदि इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा तो पानी ऊंचे इलाकों की ओर भी बढ़ सकता है। एसडीएम सुभाष सिंह धामी ने बताया कि जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।