लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में नौवीं कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने मां को याद करते हुए पिता की सराहना की। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और मां से अलग रहने की पीड़ा सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मिस यू मम्मी,आप हमारे साथ नहीं रहती लेकिन फिर भी हम आपको याद करते हैं। पापा आप सबसे अच्छे हो हमारी सारी जरूरतें पूरी करते हो.... लिख बख्शी के तालाब के सरैया गांव निवासी 16 वर्षीय अनन्या ने फंदा लगाकर जान दे दी। किशोरी की आत्महत्या की सही वजह पता नहीं चल सकी है।
मूल रूप से सीतापुर के नैमिष निवासी अनन्या के पिता विजयपाल ने बताया कि वह लोग काफी समय से सरैया गांव में रह रहे हैं। वह इंजीनियरिंग कॉलेज के पास मोमोज का ठेला लगाकर परिवार को पालते हैं। बेटी अनन्या एक निजी स्कूल से कक्षा 9 की छात्रा थी
मंगलवार को वह अपने काम पर गए हुए थे। घर में बच्चे और माता-पिता थे। रात लगभग 9:30 विजयपाल की मां जब अनन्या के कमरे पहुंची तो उसको पंखे में साड़ी के सहारे लटका देखा। पोती का शव लटका देख वह चीख मारकर बेसुध हो गई। शोर सुन परिजन व ग्रामीण जमा हो गए। खबर पाकर विजयपाल भी रोते बिलखते हुए घर पहुंच गए।
डेढ़ माह पहले पिता ने बेटी का डांटा था
इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया, अनन्या के पिता से बातचीत में उन्होंने बताया कि, डेढ़ माह पहले बच्चों में मोबाइल को लेकर लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इस पर उन्होंने अनन्या से मोबाइल लेकर तोड़ दिया था। उन्होंने लगातार मोबाइल देखने के चलते पढ़ाई न करने के लिए बेटी को डांटा भी था। जिससे वह काफी आहत थी। अनन्या के परिवार में भाई आर्यन, बहन पीहू और दादा-दादी हैं।
मां के पास न रहने से थी परेशान
इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि, अनन्या के पास से मिले सुसाइड नोट से आत्महत्या की सही वजह नहीं पता चल पा रही है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। जांच में पुलिस को इस बात का पता चला कि विजयपाल और उनकी पत्नी आरती से तीन साल से विवाद चल रहा है और दोनों अलग रह रहे हैं। अनन्या मां के साथ न रहने सेे मानसिक रूप से परेशान थी।